उत्तराखंड के जंगलों की आग के नाम पर वायरल हो रही सालों पुरानी तस्वीरें, सरकार ने ही बताया भ्रामक

उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग की खबरों के साथ सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें वायरल की जा रही हैं। इन्हें बड़ी संख्या में लोग शेयर कर रहे हैं।

सच्चाई : जो दो तस्वीरें सबसे ज्यादा वायरल की जा रही हैं, उनका इस समय उत्तराखंड में लगी आग से कोई संबंध नहीं है। यह सालों पुरानी तस्वीरें हैं। पीआईबी ने भी इन तस्वीरों को गलत बताया है

तापमान में उछाल के साथ उत्तराखंड के जंगलों में हर साल की तरह आग की घटनाएं बढ़ गई हैं। 15 फरवरी को फायर सीजन शुरू होने के बाद से 110.53 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र आग से प्रभावित हो चुका है।

इस घटना के बीच लोग सोशल मीडिया पर जंगलों में आग की सूचना के साथ ही कुछ तस्वीरें वायरल कर रहे हैं। ट्विटर और फेसबुक पर बड़ी संख्या में यूजर्स इन तस्वीरों को उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग की तस्वीरें मानकर शेयर भी कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की बेटी आरुषी निशंक ने 26 मई, 2020 को रात 8:52 बजे ट्विटर पर दो तस्वीरें शेयर कीं। इनमें दाईं ओर जो तस्वीर है, वही सोशल मीडिया पर उत्तराखंड में आग की घटना की खबर के साथ सबसे ज्यादा वायरल हो रही है।

ट्विटर पर लोग इन तस्वीरों को शेयर कर रहे हैं

– ट्विटर यूजर सालिक अलि खान ने 27 मई को यह तस्वीर शेयर करते हुए लिखा : धरती का स्वर्ग जल रहा है, प्रार्थना करें।

#प्रयफोरट्तराखंड के साथ ट्विटर पर यह तस्वीरें वायरल हो रही हैंUttrakhand Fire Fact Check
– ट्विटर पर रोहन कुमार नाम के यूजर ने भी इस तस्वीर को उत्तराखंड के जंगलों में आग की घटना से जोड़कर शेयर किया।

– यह दूसरी तस्वीर है, जिसे उत्तराखंड की आग के साथ जोड़कर कई लोग फेसबुक और ट्विटर पर शेयर कर रहे हैं।

फैक्ट चेक पड़ताल

– सबसे पहले बात उस तस्वीर की जो सबसे ज्यादा वायरल हो रही है। गूगल पर वायरल हो रही तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर ही यह पता चलता है कि यह कम से कम तीन साल पुरानी है। कोलंबिया मैगजीन ने इसे क्लाइमेट चेंज पर लिखे एक लेख के साथ छापा है। तस्वीर कैलिफोर्निया के जंगलों की घटना की है, जिसे गैटी इमेजेस के लिए डेविड मैकन्यू ने खींचा है।

कोलंबिया मैगजीन की वेबसाइट पर तस्वीर, डेट लाइन में विंटर 2016-17 भी लिखा है
– अब बात दूसरी तस्वीर की। यह तस्वीर उत्तराखंड के जंगलों की आग की ही है। लेकिन, चार साल पहले की। फोटोग्राफर अनूप साह ने चार साल पहले ली थी
– पीआईबी ने ट्विटर के जरिए यह स्पष्ट किया है कि शेयर की जा रही तस्वीरों का उत्तराखंड के जंगलों में इस साल लगी आग से कोई संबंध नहीं है। यह भ्रामक हैं।

निष्कर्ष :

उत्तराखंड के जंगलों में आग लगने की घटना तो सच है। लेकिन, उस घटना के साथ जो तस्वीरें वायरल की जा रही हैं वह भ्रामक हैं। सबसे ज्यादा वायरल की जा रही दो तस्वीरों में पहली तस्वीर कैलिफोर्निया के जंगलों की है। वहीं दूसरी तस्वीर उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग की चार साल पुरानी है।

Leave a Reply